रविवार, 3 अप्रैल 2011

बाहों का सि‍रहाना....ग़ज़ल संग्रह.....भाग 2

बाहों का सि‍रहाना गज़ल संग्रह  बि‍लासा प्रोडक्‍शन एवं पब्‍ि‍लकेशन की प्रस्‍तुति‍ है।
रचनाकार एवं नि‍देशक डॉ.सोमनाथ यादव हैं..... संगीत डॉ.वि‍श्‍वनाथ ने दि‍या है.......
इन गज़लों के लि‍ये स्‍वर प्रदान कि‍ये हैं  डॉ.वि‍श्‍वनाथ व गीति‍का यादव ने......
संगीत संगत - मनोज वैद्य
नि‍र्माण सहयोग - संजय रजक
वि‍शेष सहयोग - राजेश सोनी




5. सावन के फुहारों में.........


6. ऐ जाती हवा रूक जा तू..........




7. साजि‍शें छोड़ के आओ तो.......




8. हर चीज को बि‍कते देखा है.........

1 टिप्पणी:

  1. बहुत अच्छी पोस्ट, शुभकामना,
    मैं सभी धर्मो को सम्मान देता हूँ, जिस तरह मुसलमान अपने धर्म के प्रति समर्पित है, उसी तरह हिन्दू भी समर्पित है. यदि समाज में प्रेम,आपसी सौहार्द और समरसता लानी है तो सभी के भावनाओ का सम्मान करना होगा.
    यहाँ भी आये. और अपने विचार अवश्य व्यक्त करें ताकि धार्मिक विवादों पर अंकुश लगाया जा सके.समाज में समरसता,सुचिता लानी है तो गलत बातों का विरोध करना होगा,
    हो सके तो फालोवर बनकर हमारा हौसला भी बढ़ाएं.
    मुस्लिम ब्लोगर यह बताएं क्या यह पोस्ट हिन्दुओ के भावनाओ पर कुठाराघात नहीं करती.

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