शनिवार, 2 अप्रैल 2011

बाहों का सि‍रहाना....ग़ज़ल संग्रह.....भाग 1

बाहों का सि‍रहाना गज़ल संग्रह  बि‍लासा प्रोडक्‍शन एवं पब्‍ि‍लकेशन की प्रस्‍तुति‍ है।
रचनाकार एवं नि‍देशक डॉ.सोमनाथ यादव हैं..... संगीत डॉ.वि‍श्‍वनाथ ने दि‍या है.......
इन गज़लों के लि‍ये स्‍वर प्रदान कि‍ये हैं  डॉ.वि‍श्‍वनाथ व गीति‍का यादव ने......
संगीत संगत - मनोज वैद्य
नि‍र्माण सहयोग - संजय रजक
वि‍शेष सहयोग - राजेश सोनी

1. बाहों का सि‍रहाना


2. क्‍यों दि‍ल की बातें की दीं.....



3. तुझे धडकनों में बसाया मैंने......



4. एक सा दि‍ल सभी के पास......

1 टिप्पणी:

  1. शानदार गजलें हैं. विश्वनाथ जी की आवाज बड़ी गंभीर और गूंजदार है. बहुत दिनों बाद गजल सुनने का मजा आया.
    संगीत भी मनभावन है.
    संगीत टोली को धन्यवाद.

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